"जब आप पूरी तरह से भावनाओं से नियंत्रित होने लगते हैं तब आपको लगता है की ज़िन्दगी बहुत ही खूबसूरत है , किन्तु जैसे ही आपकी भावनाएं बिखरती हैं तब लगता है जैसे सब कुछ ख़त्म हो गया ,हर वो सुन्दर दृश्य जिसे देखकर आप आह्लादित हो जाया करते थे ,बिलकुल ही बेजान नज़र आने लगती हैं ,अत: जरुरत इस बात है की है आप भावनाओं पर अपने तर्कबुद्धि से नियंत्रण स्थापित करें" :
"जब लोग आपके प्रति इस प्रकार की धारणा बना लेते हैं जिसे आप मान्यता नहीं देते है ,और आप को लगता है कि आप सही हैं ,हो सकता है कि आप सही भी हो ,किन्तु फिर भी आप में कहीं न कहीं सुधर कि गुंजाइश रहती है जिस कारण ही लोग आपके प्रति इस प्रकार कि धारणा बना लेते हैं "