"प्रकृति की यादों में"
आप और हम ........
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Sunday, November 14, 2010
"इस दुनिया को ठुकरा कर ओ जाने वाले जरा ठहरो !इस दुनिया में हर एक साज़ मौजूद है जरा छेड़ कर तो देखो प्यार के तराने न बन जय तो कहना "....
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