"जब लोग आपके प्रति इस प्रकार की धारणा बना लेते हैं जिसे आप मान्यता नहीं देते है ,और आप को लगता है कि आप सही हैं ,हो सकता है कि आप सही भी हो ,किन्तु फिर भी आप में कहीं न कहीं सुधर कि गुंजाइश रहती है जिस कारण ही लोग आपके प्रति इस प्रकार कि धारणा बना लेते हैं "
its absulitily right
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