"प्रकृति की यादों में"
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Wednesday, October 20, 2010
"दिल की आवाज से प्यार करो"
" इस दुनिया को ठुकराकर ओ जाने वाले जरा ठहरो !इस दुनिया में हर इक साज़ मौजूद है ,जरा छेड़ कर तो देखो प्यार के तराने न बन जय तो कहना "...!!!
सर्वेश त्रिपाठी
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