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Thursday, October 21, 2010

"एक आवाज "

ये नीला आकाश
ये समुद्र की लहरें

ये पर्वतों की विशालता
ये चिड़ियों की चहचहाहट

ये फूलों की सुगंध
ये बारीश की बूँदें

ये नदियों का प्रवाह
ये बर्फ की चादरें

ये सब
कुछ कह रहें है
आप से

पल -भर को
सुन लें इनकी आवाज

नहीं तो ये
हो जायेंगी खामोश
सदा के लिए
... ...........
 

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