कुछ यादें
बहुत खास होती है
जी चाहता है
इन्हें लफ़्ज़ों में समेटकर
कोई ग़ज़ल बना दूं
पर अफ़सोस
हर बार
असफल हो जाता हूँ
शायद!
इन्हें लफ़्ज़ों में
बयाँ होना गवांरा नहीं
बहुत खास होती है
जी चाहता है
इन्हें लफ़्ज़ों में समेटकर
कोई ग़ज़ल बना दूं
पर अफ़सोस
हर बार
असफल हो जाता हूँ
शायद!
इन्हें लफ़्ज़ों में
बयाँ होना गवांरा नहीं
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