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Thursday, October 21, 2010

" माँ "

धरा की वह
ऐसी धरोहर
जो मिलती है
सबको
जीवन में
एक बार

है उसके उत्संग में
इतना वात्सल्य प्रेम -रस
कि भर दे
सम्पूर्ण जलधि को

है उसमे पवित्रता की
ऐसी ज्योति
कि कर दे आलोकित
सूर्य को भी भी

है प्रबल त्याग की
ऐसी भावना
कि कर दे न्योछावर
सर्वस्य जीवन
ममत्व के लिए

धरा की वह अमूल्य धरोहर
नाम है जिसका माँ

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