मै झूकूगां नही
मै झूकूगां नही
यह क्षोभ भी आप्त है
समय बहुत पर्याप्त है
अनंत बाधा भी तो क्या
मै रूकूगां नहीं
मै झूकूगां नही
आमर्ष अनुराग के लिए
निज प्यास के लिए
मिले अमिय भी तो क्या
मै पियूगां नही
मै झूकूगां नही
लोक में परलोक में
कभी नहीं विलोक में
मिले निर्जर भी तो क्या
मै कहूगां नहीं
मै झूकूगां नही
............
मै झूकूगां नही
यह क्षोभ भी आप्त है
समय बहुत पर्याप्त है
अनंत बाधा भी तो क्या
मै रूकूगां नहीं
मै झूकूगां नही
आमर्ष अनुराग के लिए
निज प्यास के लिए
मिले अमिय भी तो क्या
मै पियूगां नही
मै झूकूगां नही
लोक में परलोक में
कभी नहीं विलोक में
मिले निर्जर भी तो क्या
मै कहूगां नहीं
मै झूकूगां नही
............
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