prakritikiyadonme.blogspot.com

Wednesday, October 20, 2010

स्वाभिमान

मै झूकूगां नही
मै झूकूगां नही

यह क्षोभ भी आप्त है
समय बहुत पर्याप्त है
अनंत बाधा भी तो क्या
मै रूकूगां नहीं
मै झूकूगां नही

आमर्ष अनुराग के लिए
निज प्यास के लिए
मिले अमिय भी तो क्या
मै पियूगां नही
मै झूकूगां नही

लोक में परलोक में
कभी नहीं विलोक में
मिले निर्जर भी तो क्या
मै कहूगां नहीं
मै झूकूगां नही
............

No comments:

Post a Comment