संसार की
सम्पूर्ण सम्पदा को
समेटकर
बिछा लो
अपने कदमो में
तो भी तुम
चाहकर
कितना भी प्रयास कर लो
नहीं लेकर जा पाओगे
मंजिल तक इसे
क्योंकि पहनकर जाओगे
जिस कपडे को तुम
कोई जेब ही नहीं है उसमे
.............
सम्पूर्ण सम्पदा को
समेटकर
बिछा लो
अपने कदमो में
तो भी तुम
चाहकर
कितना भी प्रयास कर लो
नहीं लेकर जा पाओगे
मंजिल तक इसे
क्योंकि पहनकर जाओगे
जिस कपडे को तुम
कोई जेब ही नहीं है उसमे
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